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रूस: नया अमरीकी दुश्मन

Published on: December 10th 2006 20:30:15
नेटो शिखर सम्मेलन में पिछले सप्ताह के अफ़गानिस्तान संबधी सकारात्मक फ़ैसलों के अतिरिक्त अमरीकी अधिकारी जोर्जिया भेजे गये भविष्य में सदस्यता संबधी उत्साहवर्धक संदेश से ख़ुश हैं। प्रशासन में रूस विरोधी भावनायें तेज़ी से ज़ोर पकड़ रही हैं। दो प्रमुख समाचारपत्र वालस्ट्रीट जरनल तथा वाशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि अमरीका को रूस के साथ नये शत्रु की तरह व्यव्हार करना चाहिये। इस सप्ताह की दो घटनाओं ने रूस के प्रति संदेह को और बढ़ाया है: ईरान को TOR M1 मिसल की सप्लाई तथा रूस की दो ऊर्जा कंपनियों रोसनेफ़्ट और गाज़प्रोम में समझौता। अमरीकी अधिकारियों को ख़तरा यह है कि इस समझौते से रूसी ऊर्जा बाज़ार में पश्चिमी कंपनियों के लिये दरवाज़े बंद हो जायेंगे। इसके अतिरिक्त अमरीकी गुप्तचर समुदाय में इस बात को लेकर गंभीर संदेह है कि पूर्व के० जी० बी० अधिकारी अलेगज़ेन्डर लितिविनेनेकों की मौत का संबध क्रेमलिन के उच्च-स्तर से है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक अधिकारी ने हमें बताया कि: अब हम देखते हैं कि रूस सक्रिय रूप से हमारे हितों के ख़िलाफ़ काम कर रहा है। हम उन्हें इसका मौका नहीं देंगे। अपने प्रशासन के अंतिम वर्षों में हम लोग चुपचाप, जितना संभव हो सके, यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि विश्व के ऊर्जा संसाधन रूस को दरकिनार किया जाये

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