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चीन: पर्दे के पीछे सक्रिय नकारात्मक तत्व

Published on: December 3rd 2006 19:56:01
मध्यपूर्व पर ध्यान केंद्रित करने के अतिरिक्त, अमरीका चीन पर भी बराबर नज़र रखे हुये है। व्हाइट हाऊस चीन को उत्तर कोरिया और ईरान पर अपना एक महत्वपूर्ण सांझेदार समझता है। हम सुनते हैं कि चीन ने इराक पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने के समर्थन का निजी आश्वासन दिया है। वाशिंगटन में अन्यत्र, रवैया कुछ ज्य़ादा समर्थक नहीं है। अमरीका चीन सुरक्षा समीक्षा आयोग ने १६ नवंबर को अपनी रिपोर्ट संसद को पेश की थी। इसमें कहा गया है कि चीन एक वैश्विक खिलाड़ी तो ज़रूर है पर उसका अपनी  जिम्मेदारी का अहसास उसकी बराबर बढ़ रही शक्ति के अनुरूप नहीं है। रिपोर्ट में चीन द्वारा संसाधनों की खोज में अफ्रीका और लेटिन अमरीका में अपने प्रभाव को बराबर बढ़ाने को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। प्रतिरक्षा मंत्रालय में चीन के बढ़ते हुये नौसैनिक बेड़े, विशेषकर मिसल-विरोधी क्षमता के विकास, को लेकर ख़ासी परेशानी है क्योंकि यह अमरीकी विध्वंसक पोत एजिस के लिये चुनौती है। प्रतिरक्षा मंत्रालय विशेष रुप से, उसके शब्दों में, विषम ख़तरों की परतों से चिंतित है जो कि चीन के हायनान द्वीप में विकसित हो रहे नौ-सैनिक अड्डे से अमरीकी पोतों को दक्षिणी चीन सागर में दरपेश हैं। अमरीकी वित्त मंत्रालय बराबर इस प्रभाव को दूसरे तरीके से संतुलित करने के प्रयास करता है। अमरीकी वित्त मंत्री हैंक पालसन फेडरल रिज़र्व के अध्यक्ष बेन बरनांक के साथ बिजिंग जा रहे हैं जहां वे १४-१५ दिसंबर को होने वाले सामरिक आर्थिक वार्तालाप के उदघाटन समारोह में भाग लेंगे। लेकिन वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने हमें बताया कि यदि चीनी आर्थिक मामलों में सहायक नहीं होते तो अमरीकी नीति में लेनदेन कम मैत्रीपूर्ण होगा और प्रतिरक्षा मंत्रालय की कड़ी नीति के समर्थकों का बोलबाला रहेगा।  

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