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उत्तर कोरिया: निराशा ज़रुर पर संकट नहीं

Published on: December 3rd 2006 20:01:19

 

एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (ऐ०पी०इ०सी०) की बैठक में उत्तर कोरिया पर हुई बहस सुर्खियों में रही दक्षिण कोरिया का समुद्री निरिक्षण में सहयोग न मिलने से निराशा तो ज़रूर बढ़ी है लेकिन संकट जैसी कोई चीज़ नहीं है। (देखिये स्वूप १६ और २३ अक्तूबर के अंक) ऐ०पी०इ०सी० में बुश का बयान अमरीकी रवैये में परिवर्तन की पुष्टि करता है। अब वह उत्तर कोरिया से अपने परमाणु अस्त्र त्यागने की बात नहीं कर रहा है, बल्कि उसका ध्यान अब उत्तर कोरिया के मिसल या परमाणु ईधन प्रौद्योगिकी के संभावित निर्यात रोकने पर केंद्रित है। अमरीका ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि इस तरह की किसी भी हरकत में उसके द्वारा बदले की कार्यवाही का जोखिम मौजूद है। यदि दिसंबर में ६-पक्षीय वार्तायें शुरु होती हैं तो अमरीका वहां भी यही संदेश देगा।

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