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ईरान: इज़्रायली आयाम

Published on: November 26th 2006 19:34:03
१३ नवम्बर की बुश और इज़्रायली प्रधानमंत्री इहुद ओलमार्ट की बैठक के बाद, किसी भी अमरीकी रणनीति में संभावित इज़्रायली कार्यवाही अधिक अहम है। अमरीकी अधिकारी हमें बताते हैं कि बुश ने ओलमार्ट को यह आश्वासन दिया है कि अगर वे ईरान की किसी परमाणु सुविधा पर हमला करने की कार्यवाही करते हैं तो वे उस पर कोई आपत्ति नहीं उठायेंगे। अमरीकी गुप्तचर विश्लेषक इस बात पर सहमत नहीं हैं कि ईरान  परमाणु अस्त्र निर्माण के कितना करीब है लेकिन इज़्रायलियों का दावा है कि उनके पास इस बात के ठोस प्रमाण हैं कि ईरान यह क्षमता हासिल करने के एक या दो कदम ही पीछे है। अमरीकी सैन्य योजनाकार समझते हैं कि इज़्रायली हमला इश्फ़ाहान के यूरेनियम रुपांतरण ठिकाने को नष्ट कर सकता है लेकिन उन्हें नातानज़ के भूमिगत संवर्धन संयत्र पर हमला करने में काफी समस्यायें पेश आयेंगी। ईरान के पास लंबे समय तक बमबारी जारी रखने की क्षमता भी नहीं है। इसलिये विश्लेषकों के अनुसार, इसमें अमरीकी उलझाव की ज़रुरत पड़ेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारी हमें बताते हैं कि अमरीकी वायु सेना की आपातिक योजना तो जारी है लेकिने इस समय सैन्य विकल्प के लिये कोई उत्साह नहीं है। कूटनीतिक मोर्चे पर राष्ट्रसंघ में ईरानी राजदूत जवाद ज़रीफ़ के साथ विवेकपूर्ण संपर्क बढ़ रहे हैं और अमरीका ने ईरानी यात्रियों से बैठकों की सुविधा के लिये दुबई में एक दफ़्तर खोला है। हम सुनते हैं कि यह संपर्क भी कोई बहुत उत्साहवर्धक नहीं हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का निष्कर्ष है कि ईरान अपनी विजय चाहता है। लेकिन हम अपनी राय पर कायम हैं कि जल्दी किसी सैनिक कार्यवाही की संभावना नहीं है।

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