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एशिया: प्रशांत संगठन नये नेटो के रुप में

Published on: October 29th 2006 21:42:35
  १८ और १९ नवम्बर को हानोई में होने वाली एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (APEC) की शिखर बैठक में राष्ट्रपति बुश की मौजूदगी, सगंठन को सुरक्षा मामलों में महत्व देने की एक सोची-समझी पहले के रुप में देखी जायेगी। इस संगठन की स्थापना १९८९ में हुई थी और तब से यह व्यापार और आर्थिक मुद्दों के मंच के रुप मे सक्रिय रहा है। वर्ष १९९३ में राष्ट्रपति बिल क्लिटन ने इसका शासनाध्यक्षों की वार्षिक बैठक के रुप में उदघाटन किया था लेकिन उसके बाद से अमरीका का इसके साथ संपर्क कोई बहुत नियमित नहीं रहा। कुछ समय पहले, अमरीका की बहुराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में दिलचस्पी लगभग ख़त्म हो गई थी और वह द्विपक्षीय वार्ताओं को अधिक महत्व देने लगा है, जैसी कि इस समय दक्षिण कोरिया के साथ हो रहीं हैं। लेकिन अब राजनीतिक और सुरक्षा मोर्चे पर अमरीका अधिक चिंतित है क्योंकि अन्य संगठनों, जैसे दक्षिण पूर्वी देशों का संगठन ASEAN और शंघाई सहयोग संगठन, का प्रभाव अमरीका और उसके मुख्य सहयोगी, आस्ट्रेलिया और जापान, की कीमत पर बढ़ रहा है। हमें एक  क्षेत्रीय स्तर के संगठन की आवश्यकता है जहां हम अपनी आर्थिक और सैनिक शक्ति का प्रयोग करके सीधे ही अपने प्रभाव-क्षेत्र का विस्तार कर सकें, विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हमें बताया। आज चीन को एशिया में एक आकर्षण-केन्द्र के रुप में देखा जा रहा है। एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन की विस्तृत सुरक्षा भूमिका, इस बात को पूरी तरह रेखांकित करेगी कि अमरीका की एक एशियाई शक्ति के रुप में बने रहने का इरादा रखता और यह अपने आप चीनी प्रभाव को फिर से संतुलित करेगा 

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