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मध्यपूर्व” इज़्रायली आयाम और हिंसा का जोखिम

Published on: June 24th 2007 16:51:59

इज़्रायली प्रधानमंत्री इहुद बराक, १९ जून को वाशिंगटन में राष्ट्रपति बुश से भेंट करेंगे। इस बैठक से पहलें, अमरीकी अधिकारियों ने अपने इज़्रायली सहयोगियों से जून में हुये अमरीका-इज़्रायल सामरिक वार्तालाप के दौरान, यह सुना था कि इज़्रायल अपने को एक चौराहे पर खड़ा महसूस करता है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने हमसे यह टिप्पणी की ओलमार्ट सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा करना चाहते हैं। इसका अभिप्राय यह है कि वे ऐसे समय अपना ध्यान शंति प्रक्रिया पर नहीं लगा सकेंगे जब उसे कई मोर्चों पर सुरक्षा व्यवस्था भंग होने के ख़तरे दरपेश हों। इन ख़तरों में प्रमुख हैं गज़ा से होने वाले राकेट हमले, सीरिया की भड़काऊ कार्रवाइयां, लेबनान में आशंति और इराक युद्ध। वे इस बात पर भी ज़ोर देंगे कि ईरान पर कार्रवाई का समय निकट आ रहा है। इज़्रायली गुप्तचर विभाग अब यह दावा कर रहा है कि कुछ ही महीनों के अंदर ईरान युरेनियम संवर्धन प्रौद्योगिकी में महारथ हासिल कर लेगा और वह परमाणु अस्त्र निर्माण की स्थिति में आ जायेगा। इज्रायली अधिकारी व्हाइट हाउस को यह चेतावनी दे रहें हैं कि किसी संवेदनशील ठिकाने पर राकेट वार या किसी इज़्रायली सैनिक के अपहरण जैसे  मामूली मामले से पिछले साल जैसा युद्ध भड़क सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक अधिकारी ने हमसे इस विषय पर यह टिप्पणी की: ऐसी स्थिति में, इज़्रायल के पास जवाबी कार्रवाई के आलावा और कोई विकल्प नहीं होगा। ओलमार्ट का यह कड़ा संदेश प्रशासन को बहुत ही अजीब वक्त मिला है। उसी अधिकारी ने बताया कि हमारा ९८ प्रतिशत ध्यान इराक पर लगा हुआ है। जब तक इराक में प्रगति नहीं होती हम इन मुद्दों को विशेषकर ईरान को पीछे रखान चाहते हैं। विदेशमंत्री कोंड़ोलीज़ा राइस जून के अंत में तीन प्रमुख देशों के नेताओं से मुलाकात के लिये उस क्षेत्र का दौरा करेंगी। हम समझते हैं कि इज़्रायल की चिंताओं की समीक्षा के लिये राइस की यात्रा कुछ दिन और बढ़ भी सकती है। हमारा मत है कि वर्ष २००७ की गर्मियां काफी कष्टप्रद होगीं। हम बराबर इस राय के हैं कि इज़्रायली कार्रवाहियां स्थिति पर निर्णायाक प्रभाव डालेंगी। उसका सीरिया के प्रति रवैया काफी महत्वपूर्ण होगा।


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