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सीरिया: इज़्रायल से वार्तायें

Published on: June 24th 2007 16:53:06
१३ जून को लेबनानी सासंद वालीद इदो की हत्या की व्हाइट हाउस ने तत्काल भर्त्सना की। लेकिन इज़्रायली कार्रवाइयां अमरीकी अधिकारियों के लिये विडंबना बनी हुई हैं। अपनी १९ जून को राष्ट्रपति बुश के साथ होने वाली बैठक में, प्रधानमंत्री ओलमार्ट यह जानकारी देंगे कि उन पर इज़्रायली सेना और गुप्तचर सेवा मोसाद का यह दबाव बराबर पड़ रहा है कि वे राष्ट्रपति बशर अल-असद के वार्ताओं के संकेत का सतर्कतापूर्वक जवाब दें। संभंवत: वे मिस्री बिचौलियों द्वारा मिलने की शुरुआती इच्छा का संदेश भेजेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद मे मध्यपूर्व मामलों के निदेशक इलियट अब्राहम सीरिया से किसी प्रकार के संपर्क के विरुद्ध हैं। उनका तर्क है कि सीरिया को किसी प्रकार की रियायत देने से वह  और मांगें उठायेगा। उदाहरण के लिये, वे राष्ट्रसंघ के उस आयोग को ख़ारिज करने की मांग कर सकता हैं जो वर्ष २००५ में हुई लेबनानी प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या की जांच कर रहा है। अब्राहाम का यह भी तर्क है कि सीरिया को उसके अलगाव से निकलने में मदद करना लेबनानी सरकार को कमज़ोर करना होगा। राष्ट्रपति बुश अब्राहम के विचारों से सहमत हैं। बुश एक गुप्तचर आंकलन के आधार पर, सीरिया को सैनिक रुप से कमज़ोर समझते हैं और उसे इज़्रायाल के लिये ख़तरा नहीं मानते। वे लेबनानी प्रधानमंत्री फाऊद सिनिओरा को मध्यपूर्व में अमरीकी लोकतांत्रिक सफलता का आदर्श मान कर उनका समर्थन करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। लेकिन अमरीकी गुप्तचर अधिकारी हमें यह बताते हैं कि इज़्रायल सीरिया से गुप्त संपर्को की संभावनाओं की तलाश बराबर कर सकता है। लेबर पार्टी के नवनिर्वाचित नेता इहुद बराक इस नीति का समर्थन करते हैं।

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