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नाईजीरिया: एक नई गुलाबी क्रांति की प्रतीक्षा

Published on: May 6th 2007 18:42:12

व्हाईट हाऊस और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नाईजीरिया के २२ अप्रैल के चुनावों में धांधली बता कर उनकी आलोचना कर रहे हैं। प्रशासन ने नाईजीरियाई चुनाव व्यवस्था के सुधार के लिये चार करोड़ डालर की सहायता दी थी। प्रशासन को गहरी निराशा है क्योंकि ऐसा लगता है कि सत्तारूढ़ पार्टी ने अपने उम्मीदवार उमारू यार डादुआ को जितवाने में गैर कानूनी तरीके अपनाये हैं। लेकिन अमरीकी अधिकारी अगले कदम के बारे में निश्चित नहीं हैं। निजी तौर पर उन्होंने हमें बताया कि सब कुछ प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने हमें बताया कि अगर वे लोगों को सड़कों पर उतार लाते हैं तो हम उनकी चुनावी समीक्षा की मांग का समर्थन करेंगे वरना मुझे डर है कि हम खेद प्रकाश करके नई सरकार से समझौता करलेंगे। यह नीति २००४-५ में यूक्रेन की गुलाबी क्रांति के दौरन अपनाये गये रवैये को प्रतिबिंबित करती है। वहां जब यह तय हो गया कि पश्चिम समर्थक प्रतिपक्ष के पास जनसमर्थन है तब पश्चिमी और अमरीकी संगठन ने उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी शुरू करदी थी। वाशिंगटन की चिंता ऐसी किसी भी कार्यवाही को लेकर है जिससे नाईजीरिया के तेल निर्यात पर प्रभाव पड़े। अमरीका अपनी कुल ज़रुरत का १२ प्रतिशत कच्चा तेल नाईजीरिया से आयात करता है। शंतिमय प्रदर्शन जल्दी ही हिंसात्मक रुप ले सकते हैं,उसी अधिकारी ने कहा। नाईजीरियाई तेल का दोहरा महत्व है क्योंकि जब उसे घरेलू तेल में मिलाया जाता है तो उसमें सल्फर (गंधक) की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिये, बहुत से अमरीकी तेल शोधक कारख़ानों को इसकी ज़रुरत है।  


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